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पंचगव्य क्या है ?

पंचगव्य देसी गाय से प्राप्त पांच शुद्ध प्राकृतिक उत्पादों—दूध, दही, घी, गोमूत्र और गोबर—का संयोजन है, जिसे आयुर्वेद में एक महत्वपूर्ण औषधि के रूप में मान्यता प्राप्त है। यह न केवल मानव स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है बल्कि कृषि, पशुपालन और सौंदर्य उत्पादों में भी व्यापक रूप से उपयोग किया जाता है। पंचगव्य के औषधीय गुण रोग प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि: पंचगव्य का सेवन शरीर की रोग प्रतिरोधक शक्ति को बढ़ाता है और कई बीमारियों से सुरक्षा प्रदान करता है। डीएनए सुरक्षा: गोमूत्र में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट गुण कोशिकाओं को ऑक्सीडेटिव डैमेज से बचाते हैं, जिससे कैंसर जैसी बीमारियों से रक्षा संभव होती है। त्वचा रोगों का उपचार: गोबर में एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं, जो चर्म रोगों को ठीक करने में सहायक हैं। पाचन स्वास्थ्य: दही में मौजूद लाभकारी बैक्टीरिया पाचन क्रिया को सुधारते हैं और भूख बढ़ाने में मदद करते हैं। मानसिक और शारीरिक शक्ति: घी का सेवन मस्तिष्क के विकास और शारीरिक ऊर्जा को बढ़ाता है। उपयोग 1. कृषि में उपयोग प्राकृतिक उर्वरक – पंचगव्य का उपयोग जैविक खेती में किया जाता है, जिससे मिट्ट...

स्वामी दयानंद स्वदेशी गौशाला का एक वर्ष पूर्णता का पावन क्षण

 आज, 23 दिसंबर 2024, को हमारी स्वामी दयानंद स्वदेशी गौशाला ने अपनी सेवा और समर्पण की एक वर्ष की पवित्र साधना पूरी की है। यह अवसर हमारी निष्ठा, परिश्रम और गौ माता के प्रति अगाध श्रद्धा का प्रतीक है। हमारे अनुभव और उपलब्धियां: गौ सेवा कर्म से पुष्पित होती है। यह वर्ष हमें सिखाता है कि केवल सेवा भावना से ही जीवन में शुद्धि और आनंद आता है। स्वास्थ्य और संतुलन का आधार: गौ माता की सेवा से शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य में अपूर्व सुधार हुआ। भोजन प्रबंधन: उनके लिए भूसे का संग्रह किया और नियमित खरीदारी सुनिश्चित की। आरामदायक आवास का निर्माण: गौ माता के लिए बड़ा और सुरक्षित शेड तैयार किया। आत्मनिर्भरता की ओर कदम: दूध  becha nhi jata balke , gau seva krke khud piya va bachcho ko pila kar atam nirbhar bna jata hai  भविष्य की योजना: 1500 गायों के भोजन के लिए अतिरिक्त भूमि खरीदी । इस शुभ अवसर की प्रेरणा: यह शुभावसर हमें अपनी संस्कृति, प्रकृति और आत्मनिर्भरता की ओर प्रेरित करता है। गौ सेवा हमारी आध्यात्मिक यात्रा का आधार बन चुकी है। हमारी गौ सेवा यात्रा में सहभागी बनें और गौ माता की रक्...

हमारी गौशाला की शुरुआत - सरस्वती, लक्ष्मी और नंदी का परिवार | 24 दिसंबर 2023

यह वीडियो हमारी छोटी गौशाला की शुरुआत की कहानी को साझा करता है। 24 दिसंबर 2023 को हमने मात्र दो गायों के साथ अपनी यात्रा शुरू की। पहली गाय का नाम सरस्वती गौ माता था, दूसरी का नाम लक्ष्मी गौ माता , और उनके साथ एक बछड़ा था जिसका नाम नंदी रखा गया। इसके अलावा, एक गाय गर्भवती थी। यह वीडियो हमारे पहले कदम और गायों के इस छोटे परिवार से जुड़ी यादों को दर्शाता है।